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कालसर्प दोष के लक्षण और उपाय

ज्योतिष शास्त्रों में बहुत से ऐसे दोष है जिन्हे बहुत ही अशुभ माना जाता है। और यदि उन दोषों का निवारण नहीं किया जाए। तो उनकी वजह से आपको जीवन में बहुत सी कठिनाइयों का अनुभव करना पड़ सकता है। जैसे की कालसर्प दोष को भी बहुत अशुभ माना जाता है। और जिस जातक की कुंडली में यह दोष होता है। उसे जीवन में बहुत सी कठिनाइयों व् चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको कालसर्प दोष के क्या लक्षण होते हैं और किस तरह इस दोष का निवारण किया जा सकता है उसके बारे में बताने जा रहे हैं।

कालसर्प दोष के लक्षण

  • यह दोष होने पर जातक को शिक्षा में बाधा का सामना करना पड़ सकता है।
  • बिजनेस में मेहनत करने के बाद भी लाभ की जगह हानि होते जाना।
  • जॉब में परेशानी होना।
  • मन में हमेशा नेगेटिव विचारों का होना, हमेशा सही बात को भी नकारात्मक तरीके से सोचना।
  • खुद को हमेशा दूसरों ने नीचे और असफल समझना।
  • शादीशुदा जीवन में कलह रहना और तनाव का रहना व् आपके जीवनसाथी के साथ हमेशा अनबन रहना।
  • आत्महत्या का विचार मन में आना।
  • प्रेम संबंधों में परेशानी आना।

क्या होता है कालसर्प दोष?

जब राहु और केतु के बीच में बाकी सभी ग्रह आ जाते हैं। तब जातक की कुंडली में कालसर्प दोष लगता हैं। काल सर्प दोष ज्योतिष शास्त्र में 12 प्रकार का होता है। जिसके नाम इस प्रकार है अनंत, काल सर्प दोष, कुलिक कालसर्प दोष, वासुकि कालसर्प दोष, शंखपाल कालसर्प दोष, पद्मा काल सर्प दोष, महापद्मा कालसर्प दोष, तक्षक कालसर्प दोष, कर्कोटक कालसर्प दोष, शंखनाद कालसर्प दोष, घातक कालसर्प दोष, विषाक्त कालसर्प दोष, शेषनाग कालसर्प दोष। तो आइये अब आगे जानते हैं की कालसर्प दोष से बचाव के लिए आपको क्या- क्या करना चाहिए।

कालसर्प दोष से बचाव के उपाय

यदि कोई जातक कालसर्प दोष से परेशान होता है। तो कुछ आसान उपाय को ट्राई करके कालसर्प दोष के बुरे प्रभाव से बचे रहने में मदद मिलती है।

नाग नागिन का जोड़ा अर्पित करें

कालसर्प दोष के प्रभाव से बचाव के लिए आपको चांदी या फिर पांच धातु से बना नाग नागिन का जोड़ा अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से आपको कालसर्प दोष के प्रभाव से बचे रहने में मदद मिलती है।

राहु और केतु जाप करें

कापसर्प दोष के निवारण के लिए आप सावन का पूरा महीना राहु और केतु के मंत्र का नियमित जाप करके इस दोष के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।
राहु का बीज मंत्र:- ॐ रां राहवे नमः सवा लाख बार इस राहु मंत्र का जप करें
केतु का बीज मंत्र:- ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः सवा लाख बार इस केतु मंत्र का जप करें।

महामृत्युंजय मन्त्र का जाप करें

कालसर्प दोष के प्रभाव को कम करने के लिए महामृत्युंजय मन्त्र का जाप करना चाहिए। और पूरे सावन का महीना नियमित रूप से ऐसे करना चाहिए। ऐसा करने से कापसर्प दोष के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।

रुद्राभिषेक करवाएं

सावन के महीने में किसी भी मंदिर में जाकर पूरे विधि विधान से रुद्राभिषेक करवाएं। ऐसा करवाने से भी कालसर्प दोष के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।

सोमवार को शिव अभिषेक करें

सोमवार के दिन पंचामृत (दूध, दही, शहद, गंगाजल, घी को मिलाएं) से शिव भगवान् का अभिषेक करें। और उसके बाद 108 बेल पत्र भी अर्पित करने चाहिए। ऐसा सावन में आने वाले सभी सोमवार को करें ऐसा करने से आपको कालसर्प दोष को कम करने में मदद मिलती है।

नागपंचमी के दिन यह करें

नाग पंचमी के दिन नाग की पूजा करने से बहुत फायदा मिलता है। इससे कापसर्प दोष के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। इस दिन नाग को दूध और धान का लावा जिसे खिल कहा जाता है उसे अर्पित करें और अर्पित करते समय सर्प मन्त्रों का जाप करें ऐसा करने से भी कालसर्प दोष को कम करने में मदद मिलती है।

तो यह है कालसर्प दोष के लक्षण व् उनसे बचने के उपाय, यदि किसी भी व्यक्ति को जीवन में मेहनत करने के बड़ा भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हो तो उनके एक बार पंडित से राय जरूर लेनी चाहिए।

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